दुनिया के अलबेले में
दीवानो के रेले में
देखो देखो मुझे छोर न देना
में रोऊंगा अकेले में
मुझे लेके चलो न
मैया जी के मेले में
मैया तेरी याद सताये
एक पल मुझको चैन न आये
मुझको भी मैया दर पे बुला लो
दुनिया मुझको रास न आये
जी घबराये दुनिया के झमेले में झमेले में
मुझे लेके चलो न
मैया जी के मेले में
मैया सबके कष्ट मिटाओ
मुझको भी तुम दर पे बुलाओ
दर पे मा दीवाने खड़े हैं
सबको मैया दरश दिखाओ
भक्त तुम्हारे तुझको पुकारे अकेले में अकेले में
मुझे लेके चलो न
कहता है माँ हर दीवाना
हम सब को माँ दे दो ठिकाना
इतनी कृपा तुम करना मैया
मेरे घर भी आना जाना
हार गया हूं अब इस दुनिया के इस खेले में
मुझे लेके चलो न
अंकुर और सुनील भी मैया
तुम्हरे मेले में आये
श्रद्धा से अविनाश भी मैया
नर्मदे हर हर गुण गाये
जाओ दीवानो माँ से कहना मेले में
मुझे लेके चलो न
गायक :- अविनाश झनकार
लेखक :- अंकुर सुनील