जहां भी देखूं कान्हा , बस तुम ही नजर आओ ,
एक ऐसी भक्ति, मन में मेरे तुम जगाओ,
मेरे श्याम मेरे कान्हा , तुम मेरे बन जाओ ,
जब भी पुकारू तुमको, तुम दौड़े चले आओ,
एक बार आके मोहन , मुझको गले लगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम ही नजर आओ,
नरसिंह को तुम मिले हो, सुदामा को तुम मिले हो,
दोनों ने की थी भक्ति, दोनों को तुम मिले हो,
एक ऐसी भक्ति मोहन , मन में मेरे जगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम ही नजर आओ,
भक्ति करू तो ऐसी, मैं मीरा जी के जैसी,
प्रीत करू तो ऐसी , मैं राधा जी के जैसी,
राधा सी प्रीत मोहन , मुझसे भी तुम लगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा , बस तुम नजर आओ,
Bhajan Lyrics & Voice - Jay Prakash Verma, Indore