अब तौ हरी नाम लौ लागी

॥मीराबाई पद ॥

राग मिश्र काफी-ताल तिताला
अब तौ हरी नाम लौ लागी

सब जग को यह माखन चौरा,
नाम धरयो बैरागीं॥
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

कित छोड़ी वह मोहन मुरली,
कित छोड़ी सब गोपी।
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

मूड़ मुड़ाइ डोरि कटि बांधी,
मात्थै मोहन टोपी॥
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

मात जसोमति माखन-कारन,
बांधे जाके पांव।
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

स्याम किसोर भयो नव गौरा,
चैतन्य जाको नांव॥
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

पीतांबर को भाव दिखावै,
कटि कोपीन कसै।
गौर कृष्ण की दासी मीरा,रसना कृष्ण बसै॥
अब तौ हरी नाम लौ लागी...

बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000

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