मुझे कहाँ मिलेंगे भोलेनाथ नंदी बोल ज़रा
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी बोल ज़रा ॥
बोल, ज़रा ओ नंदी, बोल ज़रा ॥
मैं तो ढूँढूँ, दिन और रात, नंदी बोल ज़रा ॥
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी...
पर्वत, नदियों में, जाकर ढूँढा ॥
सागर, से भी, मैंने पूछा ॥
वो तो गंगा, ले गए साथ, नंदी बोल ज़रा ॥
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी...
नाग, लोक में, जाकर ढूँढा ॥
सर्पों, से भी, मैंने पूछा ॥
वो तो नाग़, ले गए साथ, नंदी बोल ज़रा ॥
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी...
नील, गगन में, जाकर ढूँढा ॥
तारों, से भी, मैंने पूछा ॥
वो तो चंदा, ले गए साथ, नंदी बोल ज़रा ॥
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी...
बागों, में भी, जाकर ढूँढा ॥
फ़ूल और, कलियों से भी, मैंने पूछा ॥
वो तो भंगिया, ले गए साथ, नंदी बोल ज़रा ॥
वो तो भंगिया ले गये साथ, नंदी बोल जरा,
कीर्तन, में भी, जाकर ढूँढा ॥
भक्तों, से भी, मैंने पूछा ॥
वो तो डमरू, ले गए साथ, नंदी बोल ज़रा ॥
मुझे कहाँ, मिलेंगे भोलेनाथ, नंदी...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल