नख पर धार लियो गिरिराज,
नाम गिरधारी पायो है,
सुरपति पूजा मेट कृष्ण,
गिरिराज पुजायो है,
सवा लाख मण सामग्री का,
भोग लगायो है,
नख पर धार...
पडी स्वर्ग में खबर क्रोध,
सुरपति को छायो है,
मूसलधार अपार बहुत,
पानी बरसायो है,
नख पर धार...
पड़ी ना ब्रज पर बूंद,
इंद्र देखत घबरायो है,
ब्रजवासी सब कहे,
धरण गिरिराज उठायो है,
नख पर धार...
धन धन श्री ब्रजचंद्र,
इंद्र को मान घटायो है,
घासीराम गोवर्धन वारो,
हरि जस गायो है,
नख पर धार...