झूला झूलो श्यामा प्यारी
धुन : ब्रज का रसिया
झूला झूलो श्यामा प्यारी, झूलन उत्सव आयो है उत्सव आयो है, रंगीला सावन आयो है
- छाई हैं घनघोर घटाएं, रसभीगी मदमस्त हवाएं रस रसीला छैल छबीला, मौसम आयो है, झूला---
- रुत नाचे छाई हरियाली, खिले फूल फल डाली डाली शुक पिक चातक मोर भौर मिल, मल्हार गायो है, झूला--
- लाडली झूला तैयार पड़ा है, झूला झुलाने नंदलाल खड़ा है
मधुपहरि झूला दर्शन को, हर कोई आयो है, झूला---