गुरु बिना कौन दिखाए

गुरु बिना कौन दिखाए,
मोहे राम का द्वारा
अंधियारी मन की गलियाँ,
गुरु कर दें उजियारा

जप तप तीर्थ कर आया,
मन को चैन न आय।
गुरु ने नाम की ज्योति जलाई,
भटका पंथ बताय॥

अब समझ आया जीवन सारा,
गुरु ही सच्चा सहारा॥

गुरु बिना कौन दिखाए,
मोहे राम का द्वारा
अंधियारी मन की गलियाँ,
गुरु कर दें उजियारा

माया नगरी झूठी देखी,
सब जग लागे स्वप्न।
गुरु ने साचा ज्ञान बताया,
राम बसे हर श्वास॥

हर श्वास में नाम समाया,
गुरु ने सत्य बताया॥

गुरु बिना कौन दिखाए,
मोहे राम का द्वारा
अंधियारी मन की गलियाँ,
गुरु कर दें उजियारा

गुरु चरणन की धूलि लगाऊँ,
कट जाए अज्ञान।
गुरु कृपा से मिल जाए मोहे,
राम नाम पहचान॥

तन मन अर्पण गुरु चरणों में,
अब न कोई अज्ञान॥

गुरु बिना कौन दिखाए,
मोहे राम का द्वारा
अंधियारी मन की गलियाँ,
गुरु कर दें उजियारा

Writer : Marudhun Studios
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