(तर्ज – तुझको पुकारे मेरा प्यार)
सामने बैठे महाकाल,
थोड़ा वक़्त निकालो मेरे वास्ते।
सामने बैठे महाकाल॥
गलती पे गलती किए जा रहा हूँ बाबा,
जुदाई के आँसू पिए जा रहा हूँ बाबा।
तुम ही तो बनो मेरी ढाल,
सामने बैठे महाकाल॥
ठोकर है खाई, बाबा याद है आई,
तेरी ही याद है आई।
तेरे सिवा मेरी करे सुनवाई कौन,
कौन करे सुनवाई।
माया के हटाओ ये जाल,
सामने बैठे महाकाल॥
हालत देख मेरी क्यों ना बोले भोले,
पकड़ लो हाथ मेरा, भँवर में है डोले।
लकी तेरा बाबा दास,
सामने बैठे महाकाल॥
चरणों में तेरे बाबा सिर को झुकाऊँ,
दिल की ये पीड़ा किसको बताऊँ।
तेरी शरण में आया तेरा लाल,
सामने बैठे महाकाल॥