तन का मोह गया नहीं, तुझे किस विध पाऊँ श्याम

तन का मोह गया नहीं, तुझे किस विध पाऊँ श्याम
तन का मोह गया नहीं, तुझे किस विध पाऊँ श्याम
मन की खोट गई नहीं, तुझे किस विध पाऊँ श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

पूछा करमा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
पूछा करमा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
बोली करमा भाव का भूखा मेरा प्यारा श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

पूछा नरसी से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
पूछा नरसी से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
बोले नरसी प्रेम-पाश में बंधते मेरे श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

पूछा मीरा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
पूछा मीरा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
बोली मीरा भक्ति के वश में मेरे प्यारे श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

पूछा सुदामा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
पूछा सुदामा से जाकर, किस विध पाऊँ श्याम
बोले मुट्ठी भर चावल में बिकते मेरे श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

श्याम-रंग रंगना है तो, श्याम जपो प्यारे श्याम
श्याम-रंग रंगना है तो, श्याम जपो प्यारे श्याम
भाव-भक्ति में रम जाओ तो मिल जाएँगे श्याम
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा
कृष्ण कृष्ण जय कृष्ण कृष्ण जय कृष्णा जय जय कृष्णा

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