भोलेनाथ की नज़र जो पड़ जाए

भोले, नाथ की, नज़र जो, पड़ जाए,
सूनी सी, मेरी दुनिया, फिर से सँवर, जाए ॥
तेरे दर, की धूलि, माथे लगाऊँ,
तेरा साया, ही मेरा, सारा सफ़र, बन जाए...
भोले, नाथ की, नज़र जो, पड़ जाए...

ाँसों में, तेरा ही, नाम रहे ।
दिल में बस, तेरा ही धाम, रहे ।

जब भी ये, नैया डोले, मेरी ।
हाथों में, तेरा ही, साथ रहे ।

तेरी, किरपा का, ऐसा असर हो,
हर मौसम, मधुबन, बन जाए...

Writer: Marudhun BhaktiSagar

श्रेणी