जाग मुसाफिर हुआ सवेरा, सीटी बजनेवाली है,jag musafir hua savera siti bajne wali hai


जाग मुसाफिर हुआ सवेरा, सीटी बजनेवाली है,
राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है
माया नगरी छोड़ मुसाफिर, संग न कुछ भी जाना है-2
राम नाम की पूँजी लेकर, भवसागर तर जाना है-2
संतन का है ये मार्ग निराला - 2 मुक्ति जहाँ ठिकानी है।
राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

लोभ मोह के भारी थैले, साथ नहीं ले जाओगे-2
राम भजन की पोटली भर लो, पार तो ही लग पाओगे-2
माया का ये मोह जाल है-2 झूठी इसकी कहानी है।
राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

खाली हाथ ही आए जग में, खाली हाथ ही जाना है-2
नेकी की तुम राह पकड़ लो, फल मीठा ही पाना है-2
शुभ कर्मों का दीपक ले लो 2 भक्ति सच्ची निशानी है।
राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

निकल गया जो समय हाथ से, फिर न वापस आना है।
राम नाम के अमृत रस को, जी भर कर अब पाना है।
सदगुरु की तुम शरण में आओ-2 पावन उनकी बानी है।
राम नाम का टिकट कटालो, गाड़ी बढ़ने वाली है-2

भजन रचयिता
आचार्य मनीष जी दुबे
बड़वाह ओंकारेश्वर
9893027311

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