आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
डूब रही है नैया मेरी 2 पार लगा दे
आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
( साँवरे आ भी जा साँवरे आ भी जा )
थाम लिया जो दामन बाबा तूने मेरा
जीवन की इस शाम का पल में होगा सवेरा 2
रैन अँधेरी आकर बाबा 2
राह दिखा दे
आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
साथ मेरे रहते हो तुम विश्वास दिला दो
कृपा कर दो ऐसी हर संताप मिटा दो 2
घबराता क्यूँ दिल ये मेरा 2
धीर बंधा दे
आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
आस का बंधन जग से मैंने तोड़ लिया है
दुनिया का हर रिश्ता तुमसे जोड़ लिया है 2
आकर अब तो अनुज का बाबा 2
साथ निभा दे
आजा आकर साँवरे पतवार चला दे
स्वर रजनी दीदी राजस्थान
लिरिक्स अनुज जैन