चाँद पे मंदिर

हम नील गगन पर बाबा डंका तेरा बजवाते
भक्तों का चलता जोर तो मंदिर चांद पर हम बनवाते

भक्त तुम्हारे तुमको बाबा सर आंखों पर बैठाते
सबसे ऊपर तुम बैठो आंखों में सपने सजाते

ऊंचा सिंहासन हो तेरा और ऊंचा शिखर बंद तेरा
वहां ईंट लगवाने को हर भक्त फिक्रमंद तेरा

तेरे शिखर बंद का झंडा धरती से दिख जाता
दाग लगा जो चंदा में तेरे झंडे से छिप जाता

मंदिर का घंटा बजना इस धरती पर सुन जाता
रोज सुनने का बनवारी भक्तों का नियम बन जाता