राधा रानी धरा पर आई
राधा, रानी, धरा पर आई,
मैं तो, झूम झूम, बाँटूँ बधाई ॥
कभी, देखूँ इधर, कभी देखूँ उधर ॥
वृष, भानु की, आँखें भर आई,
मैं तो, झूम झूम, बाँटूँ बधाई।
राधा, रानी, धरा पर आई...
ढोल, बजने लगा, झांझ बजने लगे ॥
बाजी, बाजी रे, मंगल शहनाई,
मैं तो, झूम झूम, बाँटूँ बधाई।
राधा, रानी, धरा पर आई...
धूप, ढलने लगी, छाँव होने लगी ॥
ठण्डी ठण्डी, चली पुरवाई,
मैं तो, झूम झूम, बाँटूँ बधाई।
राधा, रानी, धरा पर आई...
चल, चल री सखी, कीर्ति मईया के द्वार ॥
यहाँ, जन्मी है, लाली प्यारी,
मैं तो, झूम झूम, बाँटूँ बधाई।
राधा, रानी, धरा पर आई...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल