जग प्रेम बड़ा बलधारी

जग में प्रेम बड़ा बलधारी ।
जो कोई जन प्रेम से पुकारे, आ जावे गिरधारी॥

नरसी मेहता ने सतगुरु मिलिया, माया लुटा दी सारी।
राधा-रुखमण संग में आई, लाज राखी भक्तां री  ॥
जग में प्रेम  .......

प्रेम भाव से खीचड़ो बनायो, वा बेटी जाटा री।
धाबलिया को पर्दो किदो, भोग लगायो बनवारी॥
जग में प्रेम .......

प्रेम बिना भक्ति लागे फीकी, प्रेम की महिमा भारी।
प्रेम भूखा प्रभु आवे द्वार पर, वेद संन्त पुकारि ॥
जग में प्रेम .......

लादूदास म्हाने सतगुरु मिलिया, धरिया रूप साकारी ।
कहत चम्पा लाल प्रजापति , करज्यो भाव से पारी ॥
जग में प्रेम .......

( प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप  89479-15979 )

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