बाबा तेरी शरण में जो आता कभी कभी

बाबा तेरी शरण में जो आता कभी कभी
आते ही कई ढोंग दिखाता जो है नहीं

ये जो चमकदार बनाई तूने दशा/ छटा
कैसा है तेरा हाल बताना सही सही

ये जो शरण मिली तो भला क्या जतन करे
आया समय पे प्रेम से पाना, वो ही सही

इतना भले ना ज़िक्र किया कर खुद ही का ही
करले जो तेरा काम ठिकाने से ही सही

शुभम् - सुमित (शर्मा ब्रदर्स)

श्रेणी