हो लीला धरी बाल कृष्ण ने

हो लीला धरी बाल कृष्ण ने ओहदे खेल रचाया,
मथुरा दे विच जनम ले लिया गोकुल दे विच आया,
नन्द बाबे ने नन्द लाल दा उस्तव खूब मनाया,
मधुप ब्रिज वासियां ने नच नच मंगल गा या,

इक दिन ग्वाला बाला दे नाल यमुना तट ते आया,
गेंद गिरा के यमुना दे विच गोता श्याम लगाया,
गेंद बहाने नाग कलिये ने ओह नथ ले आया,
काली दे फन फन ते नटवर नाच नचाया,

राधा न ओह मिलान दी खातिर,
नटवर नन्द किशोर भई देख घटा घण कोर संवारा,
बन गया सुंदर मोर,
राधा दी भगियां विच आके लगा कर्ण शोर,
फड़ लिया राधा ने मधुप हरी चित चोर,

(सर्वाधिकार लेखक आधीन सुरक्षित। भजन में अदला बदली या शब्दों से छेड़-छाड़ करना सख्त वर्जित है)

download bhajan lyrics (1135 downloads)