मोक्ष दायिनी गंगा moksh dayani ganga maa patito ko pawan karti hai teri prabhuta nyari


पतितो को पावन करती है तेरी प्रभुता न्यारी,
मोक्ष दयानी गंगा मैया हरती है भ्यागा सारी,
पतितो को पावन करती है तेरी प्रभुता न्यारी,

भरम सुता तू शैल की पुत्री शिव भोले की प्यारी है,
शीतल कोमल पाप नाशनी देवो की दुलारी है,
जल में तेरे इतनी शक्ति पाप बिना शे देदे मुकति,
पतितो को पावन करती है तेरी प्रभुता न्यारी,

रोग दोश का कर के नाश माँ तू सब का कल्याण करे,
धन और धन से पुराण करके संगरक्ष तू प्रधान करे,
सभी अमंगल हरने वाली अंदन मंगल करनी वाली,
पतितो को पावन करती है तेरी प्रभुता न्यारी,

ज्ञान सरूपा गंगा मैया तेरी शरण जो आता है,
अन्धयारे मिट जाते है उसके ज्ञान वो वैसा पाता है,
जो श्रद्धा से डुबकी लगाए आशाये पुरण हो जाये,
पतितो को पावन करती है तेरी प्रभुता न्यारी,

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