प्रेम दीवानी मीरा

प्रेम दीवानी मीरा के प्रभु भाग ऐसे जागे,
साथ है गिरधर मुरारी और अब क्या मांगे,

तेरा मोहक रूप मोहन इक शन में भा गया,
तू मधुर मुस्कान बन मीरा के मन पर छा गया,
प्रेम दीवानी

वो भू वन में भटकती भाव अश्रू बह रहे,
वो विरहा हर दिसदी संतर श्याम तुझसे कह रहे,
प्रेम दीवानी

श्याम पलकन पर सेहजे आंख को कैसे छपाती,
फिर जगे नैनो में फिर भी कृष्ण के सपने सजाती,
प्रेम दीवानी

श्रेणी
download bhajan lyrics (1363 downloads)