जानकी नाथ सहाय करे तब काह बिगार करे नर तेरो

जानकी नाथ सहाय करें
जानकी नाथ सहाय करें जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो,

सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो,
राहु केतु की नाहिं गम्यता संग शनीचर होत हुचेरो,

दुष्ट दु:शासन निबल द्रौपदी चीर उतार कुमंतर फेरो,
ताकी सहाय करी करुणानिधि बढ़ गये चीर के भार घनेरो,

जाकी सहाय करी करुणानिधि ताके जगत में भाग बढ़े रो,
रघुवंशी संतन सुखदायी तुलसीदास चरनन को चेरो,

श्रेणी
download bhajan lyrics (1135 downloads)