ॐ नमः शिवाय
मृगछालो पर वास करे, है शिव शंकर
दुष्टों का जो नाश करे, है शिव शंकर………
पूरी मन की आस करें है शिव शंकर
पर्वत पर निवास करे है शिव शंकर....
शिव मे सब है,सब मे शिव है
जिसको ए एहसास हुआ……..
वो छोड़के दुनिया की माया
भोले शंकर के पास हुआ……..
वो छोड़के दुनिया की माया
भोले चरणों के पास हुआ……..
कंकर में शंकर, शंकर में सारा ए संसार बसा,
भोले हैं उनके जिनके, मन में भक्ति का धार बसा,
जिसने पूजन की भोले की, कभी ना वो निराश हुआ………
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले शंकर के पास हुआ…
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले चरणों के पास हुआ…
है त्रीलोकी जग के स्वामी, विश को पीने वाले हैं,
जीवन नैया पार करे ए, दुख को हरने वाले हैं...-2
जिन भक्तों को शिव चरणों के,
ऊपर है विश्वास हुआ...
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले शंकर के पास हुआ…
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले चरणों के पास हुआ…
अपने रंग मैं रंग ने वाले,
भोले तो भंडारी है,
शिव के ऊपर तन मन,
धन और जीवन तो बलिहारी है,
माया से जो दूर हुआ,
त्रिलोकी का वो ख़ास हुआ…..
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले शंकर के पास हुआ…
वो छोड़के दुनिया की माया,
भोले चरणों के पास हुआ…