क्षमा करो माँ क्षमा करो, मेरे सब पापों को मिटा कर, मेरी सब भूलों को भुला कर, मेरे अपराध हरो।। ना जानूँ मैं आरती बंधन, ना पूजा ना अभिनंदन, भक्ति ज्ञान भरो।। झूठे जग में मैं भरमाया, समझ ना पाया तेरी माया, तेरी शरण पारो।।