जानी कहां है चिट्ठी, ना नाम पता मालूम, किए जैसे करम होंगें, ठिकाना वैसा पाना है, बिन हरफों की इसे, चिट्ठी हो जाना है, जिस्म है मिट्टी का, मिट्टी हो जाना है, बिन हरफों की इसे, चिट्ठी हो जाना है, जिस्म है मिट्टी का, मिट्टी हो जाना है.....