भोलेनाथ तेरी महिमा निराली,
तेरी जटा में गंगा की धारा।
नीलकंठ तेरी छवि है प्यारी,
तू ही है जगत का सहारा।
जय शिव शंकर, जय महाकाल,
तेरा डमरू बजाए, हर ताल।
हर हर महादेव, शंभू दयालु,
तू ही है काल का भी काल।
कैलाश पे तेरा आसन है प्यारा,
संग तेरे विराजे माँ गौरा।
भभूत रमाए, मृगछाला पहने,
तू है सबसे भोला, ओ न्यारा।
विष का प्याला तूने पी लिया,
देवताओं का संकट हर लिया।
जय शिव शंकर, जय महाकाल,
तेरा डमरू बजाए, हर ताल।
हर हर महादेव, शंभू दयालु,
तू ही है काल का भी काल।
सोमवार को जो करे तेरी पूजा,
उसकी हर मुराद हो पूरी।
तेरी भक्ति से जीवन संवरता,
मिट जाती हर मजबूरी।
तेरा नाम जपे जो प्राणी,
उसकी होती नैया पार।
भोलेनाथ तेरी महिमा निराली,
तेरी जटा में गंगा की धारा।
नीलकंठ तेरी छवि है प्यारी,
तू ही है जगत का सहारा।