राधा राधा रटूं घनश्याम चले आए
केसे मै मनाऊं केसे मै मनाऊं कहीं रूठ ना जाए
सांवली सुरत मुरली वाला
गोपीया छेड़े नन्दजी का लाला
मधूर मोहन बशी बजाए
केसे मै मनाऊं केसे मै मनाऊं कहीं रूठ ना जाए
राधा मोहन को है अति प्यारी
दिन रात निहारू सुरत तिहारी
याद तुम्हारी सारी रेन सताए
केसे मै मनाऊं केसे मै मनाऊं कहीं रूठ ना जाए
मत लगाओ मोहन देरी
सुन लो कृष्णा अरजी मेरी
मनी मामराज को कोन गले से लगाए
केसे मै मनाऊं केसे मै मनाऊं कहीं रूठ ना जाए
लेखक मामराज लोहरा खाजुवाला
सिंगर मामराज लोहरा मनी बराड़