गुरु भगतों के ख़ुल गये भाग

गुरू भगतों के खुल गये भाग,
   जब गुरू सेवा मिली
   गुरू भगतों के भाग....

   सेवा मिली थी राजा हरिश्चंद्र को,
दे दिया राज और ताज
जब गुरू सेवा मिली              
   गुरू भगतों के खुल गये भाग,
जब गुरू सेवा मिली        
   गुरू भगतों के भाग....                

आप भी बिके‌ राजा,
रानी को भी बेच दिया          
   बेच दिया रोहित कुमार,
जब गुरू सेवा मिली      
   गुरू भगतों के खुल गये भाग,जब
   गुरू सेवा मिली        
   गुरू भगतों के भाग....            

सेवा करी थी भिलनी भक्त ने,प्रभु
  जी पहुंच गये हैं द्वार
जब गुरू सेवा मिली      
  गुरू भगतों के खुल गये भाग,
जब गुरू सेवा मिली        
  गुरू भगतों के भाग....          

सेवा में पुत्र पर‌ आरा चलवा दिया,
  वो मौरध्वज महाराज
जब गुरू सेवा मिली                
  गुरू भगतों के खुल गये भाग,
जब गुरू सेवा मिली        
  गुरू भगतों के भाग....    

सेवा‌ करी थी मीरा बाई ने,    
  लोकलाज दिन्हीं उतार
जब गुरू सेवा मिली                
  गुरू भगतों के खुल गये भाग,जब
  गुरू सेवा मिली        
  गुरू भगतों के भाग....            

तुमको भी गुरू जी ने मोका दिया है,
  हमको भी गुरू जी मोका दिया है
  आओ हो जाओ भव से पार,
जब गुरू जी की सेवा मिली
  गुरू भगतों के खुल गये भाग,
जब गुरू सेवा मिली        
  गुरू भगतों के भाग....  

     बाबा धसका पागल पानीपत
      संपर्कंसुत्र-7206526000

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