घनश्याम तुम ना आये,जीवन ये बीता जाये
घनश्याम तुम ना आये,जीवन ये बीता जाये
घनश्याम तुम ना आये...
तेरा वियोग प्यारे,अब तो सहा ना जाये
एक बार आ भी जाओ,बैठे हो क्यों छिपाये
घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये
घनश्याम तुम ना आये...
जीवन की संध्या बेला,अब आ चुकी हैं प्रीतम
उस वक़्त आ भी जाना,जब प्राण तन से जाये
घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये
घनश्याम तुम ना आये...
मैं ढूढ़ती थी दर दर,पर तुम नज़र ना आये
मुझे क्या पता था मेरे,इस दिल में हो समाय
घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये
घनश्याम तुम ना आये...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000