हमारा मन राधा ले गई रे
धुन- कन्हैया ले चल परली पार
हमारा मन, राधा, ले गई रे ॥
राधा, ले गई, राधा ले गई ॥
राधा, ले गई रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
गहरी, गहरी, वन की छईयाँ ।
वहाँ पर, चर रही, मेरी गईयाँ ॥
नैनन, के वोह, तीर चला के ॥
घायल, कर गई रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
मधुवन, में मैं, गईयाँ चराऊँ ।
मीठी, मीठी, बँसी बजाऊँ ॥
बर,साने की, चतुर गुज़रिया ॥
दिल में, उत्तर गई रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
मैं, भोला वोह, चतुर गुज़रिया ।
बृज़ में, ले गई, पकड़ उँगलिया ॥
बातों, ही, बातों में बंसी ॥
ले के, खिसक गई रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
मईया, मैं, बरसाने जाऊँ ।
वहाँ, से अपनी, बँसी ले आऊँ ॥
बँसी, के बिन, गईयाँ मेरी ॥
यहाँ वहाँ, भागे रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
बँसी, के बिन, चैन न पाऊँ ।
बँसी, में मैं, राधे राधे गाउँ ॥
बन, वारी कहे, हाथ जोड़ के ॥
ह्रदय, में वस गई रे,
हमारा मन... जय हो ॥।राधा...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल