मावलिया मोरे मावलिया ॥
पईया लागव मै तोरे,मावलिया मोरे मावलिया ॥
सगरो जगत तोरे फुवरिया ॥
फुलवरिया हो मोरे मावलिया मोरे मावलिया
सनन सनन पुरवाई चले,जीवरा ह डोलन लागे
धरती म देवी सकती जनमें,सरग सकल हर सागे
इक्कीस बहिनिया करे ओलवरिया ॥
ओलवरिया हो मोरे मावालिया..
खाडा खप्पर बाना तीरशूलधरे,सुरुज कस लहलहाये
अस्तुति गाये देवता सुमिरे, हमरो पीरा ल देनासाये
अंगले बहिरथे मईया जोगनिया ॥
जोगनिया हो मोरे..मावालिया
असुरन ल मारे रन ललकारे,बरम पाप समागे
कोन जनी कइसे रचना तोरे,अलहन बरोबर झपागे
तोरे मया हे अगम हिंगलजिया ॥
हिंगलजिया हो मोरे.. मावालिया
जगजननी मईया सगरी पहुंचे,लहरा लेवत हे गंगा माई हो माँ
बुढकी नहाय दुर्गा निछमल होगे,बरम हईता धोवाई
डुबकी लगाले गौतम एक बेरिया ॥
एक बेरिया हो मोरे मावालिया