सबकी सुनते हो श्याम फिर हमें क्यों रुलाते हो
हम तुम्हारे ही भरोसे हैं ये बात क्यों भूल जाते हो
मुझे खाटू बुलाओ श्याम बाबा
मुझको दर्शन कराओ श्याम बाबा
मैंने तुमसे ही आस लगाई
मेरी अर्जी सुनो हे श्याम बाबा
जिंदगी खाक में मिल गई है
मेरी किस्मत बना दो श्याम बाबा
मेरे अपने हुए हैं पराए
मुझको अपना बना लो श्याम बाबा
मैं तो दुनिया से हारा हूं बाबा
अब तो पार लगाओ श्याम बाबा
Writer- Brajbihari Sharma