पवन संग जाओ,
सुनलो उठो हनुमाना ओ सुनलो...
है मारुति, चूड़ामणि
देना इसे मेरे राम को...
यही वैदेही की अमर निशानी है
भक्त शिरोमणि बजरंग बनकर दूत लाये है
मिले है लंका में, माई जानकी से
राम प्रभु को देने को ये सबूत लाये है
ये ना विरह, बस राम का
ये तो सृजन, भरोसे का
सुहाग का गहना, दिया प्रभु को जब
नैन सजल ले साथ प्रभु उसे हृदय लगाए है
बड़े दिनों के बाद, आज जानकी की
प्रेम निशानी को अश्रु स्नान कराए है
Lyrics -
शुभम् - सुमित (शर्मा ब्रदर्स)