खाटू की गलियों में , वो सौर गूंजता है!
खाटू की गलियों में , वो सौर गूंजता है,
बाबा - बाबा कहता , भक्त श्याम ढूंढता है, -
उन गलियों में बाबा , तेरा नाम लिया मोहन ,
पैरों में पड़े छाले , तूने संभाल लिया मोहन,
मुझे खाटू बुला कर के , तूने लाड़ लड़ाया है,
रोते को बाबा श्याम , तूने गले लगाया है,
ओ चरणों में जगह देकर , तूने दास बनाया है,
जब भी भटकु में श्याम , तूने राह बताई है,
दिल के भावों से श्याम , तेरा भक्त रिझाए है ,
और आंसुओं से लखदातार , हम तेरे चरण धुलावे है ,
औ तुझे भजन सुनाएंगे , तुझे दिल से रिझाएंगे ,
खाटू कि गलियों में ,जो सौर मचाएंगे ,
वो भक्त द्वार खड़ा , उसको भी संभालो ना ,
चरणों में जगह दो ना , या दिल से लगा लो ना ,
Lyrics - Manoj Yadav