मैं तो तेरी हो गई श्याम
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम,
शोर है, गली-गली ॥
हो शोर है, गली-गली...
हां शोर है, गली-गली ॥
मुझे, लोग, करे बदनाम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
तुम से, प्रेम, हुआ है जब से ।
छोड़, दिया घर, आंगन तब से ।
मेरी, हो गई, नींद हराम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
लुट, गई तेरे, प्यार में कान्हा ।
सारा, जग अब, लागे बेगाना ॥
अब, आजा बेदर्दी श्याम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
जाऊँ, कहाँ यहाँ, कोई ना मेरा ।
में हूँ, तेरी, तूँ है मेरा ॥
ना दुनिया से, कोई काम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
तन भी, तेरा, मन भी तेरा ।
मन, मंदिर में, तेरा बसेरा ॥
जीवन, कर दिया, मैंने तेरे नाम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
श्याम, ही शक्ति, श्याम ही भक्ति ।
श्याम, बिना नहीं, मेरी मुक्ति ॥
श्याम मेरे, जीवन, का आधार,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
प्रीत, लगाकर, भूल न जाना ।
मैं, दासी हूँ, मुझे अपनाना ॥
हे रसिक, रमण के, प्राण,
शोर है, गली-गली ।
हे संतन, के घनश्याम,
शोर है, गली-गली ।
मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल