तूने ही मुझे उबारा है, तेरा ही सहारा॥

(तर्ज – ये बंधन तो प्यार का बंधन है)

जब-जब परेशानी आए,
और दुख ये हमें सताए।
तेरे नाम से ही मेरी मैया,
मेरे तो ग़म ये जाए।
तूने ही मुझे उबारा है, तेरा ही सहारा॥

आँखों में आँसू लेकर,
जब-जब भी चौखट आया।
मेरे आँसू पोंछ के माँ ने,
मुझको तो गले लगाया।
मेरा हरदम साथ निभाती,
मुझे पीड़ा में समझाती।
दुनिया की बुरी नज़र से,
मेरी मैया मुझे बचाती है।
तूने ही मुझे उबारा है, तेरा ही सहारा॥

अपने भी छोड़ के जाते,
और ताने मुझे सुनाते।
अब जल्दी आजा मैया,
हम ये आवाज़ लगाते।
तूने रास्ता मुझे दिखाया,
जहाँ कोई नज़र ना आया।
जब-जब भी मैं तो टूटा,
मैया का बुलावा आया।
तूने ही मुझे उबारा है, तेरा ही सहारा॥

आँखों में तेरी छवि हो,
और मन की बाती बनाऊँ।
अंतिम साँसों तक मैया,
तेरे ही गुण को गाऊँ।
फिर मैया का दिल पिघले,
सुन करके बातें मेरी।
लकी को माँ तू दे दे,
चरणों की धूली तेरी।
तूने ही मुझे उबारा है, तेरा ही सहारा॥

Lyrics – Lucky Shuk।a