तरज़-ये तो सच्च है कि भगवान है
बौंल-किशोरी जी ने मुझसे कहा
लाडली जो तेरे साथ,रख़ा सर पे तेरे हाथ
है
अब डर है किस बात का,और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ है...
बौंल-मैंनें भी कह दिया प्यारी जू
जब-जब लूं जनम,हों अच्छे करम
चरण दास बनूं,यही मेरा करम
अब डर है किस बात का,और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ,रख़ा सर पे तेरे हाथ
है
अब डर है किस बात का, और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ है...
बौंल-उधर से किशोरी जी का जवाब आया
डरता क्यों है पागल,तूं है मेरी शरणं
मैंने लिया हैं प्रण,श्याम भी तेरा रखवार है
अब डर है किस बात का,और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ,रख़ा सर पे तेरे हाथ
है
अब डर है किस बात का,और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ है...
धसका करले जतंन,हों अच्छे करम
नहीं तो पछतायेग,जब होगा मरन
अब डर है किस बात का और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ,रख़ा सर पे तेरे हाथ
है
अब डर है किस बात का,और किसकी
फिर औक़ात है
लाडली जो तेरे साथ है...
किशोरी जी तो मेरी हैं,मेरो है बरसाना
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000