तुझे क्या मिला है मोहन

तुझे क्या मिला है मोहन

तुझे क्या, मिला, है मोहन,
मुझे बे, करार करके ॥
मैं तो, दर दर, भटक रही हूँ ॥
तेरा, इंतज़ार करके ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...

औरों, से प्रीत तोड़ी,
कुवज़ा, से प्रीत जोड़ी ॥
तेरे दर, पे आ, गई हूँ ॥
एतबार, करते करते ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...

गोकुल, में मैने ढूंढा,
मथुरा, में मैने ढूंढा ॥
कहीं भी, पता, ना पाया ॥
हारी, मैं चलते चलते ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...

यमुना, के तट पे जाऊँ,
वहाँ भी, तुझे ना पाऊँ ॥
पागल, सी हो, गई हूँ ॥
तुझे याद, करते करते ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...

मैं तो, गरीब हूँ पर,
तुम तो, धनी हो प्यारे ॥
अपने, भी दिन, कटेंगे ॥
तेरा ध्यान, धरते धरते ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...

हद हो, गई है कान्हा,
अब देर, ना लगाओ ॥
सखियां, भी थक, गई हैं ॥
तेरी राह, तकते तकते ॥
तुझे क्या, मिला, है मोहन...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल

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