कन्हईया बड़ी कातिल नज़र तुम्हारी
कन्हईया बड़ी, कातिल, नज़र तुम्हारी ॥
नैनन, से जब, लड़ गए नैना ॥
तुम जीते, मैं हारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनन से, मीरा, लड़ गई ॥
छोड़ आई, सईंयाँ की, अटारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनन से, कुब्ज़ा, लड़ गई ॥
बड़ी सुँदर, बनाए, दई नारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इस, नैनन से, गोपियाँ, लड़ गई ॥
उन्हें प्रेम की, लगी, बीमारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनन से, राधा रानी, लड़ गई ॥
वह तो, बिरह से, तड़पी बेचारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनन से, हम सब, लड़ गए ॥
भव से, पार, करो गिरधारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनन में, सात समुन्द्र ।
डूब, गई मैं, इन के अन्दर ॥
हो कित, जाऊँ मोहे, राह न सूझे ॥
मोरी, बँहियाँ, पकड़ गिरधारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
जब से, नैन, लड़े हैं, तुम संग ।
भूल गई, दुनीयाँ के, सब रंग ॥
हुई बावरी, इत्त उत्त, डोलूं ॥
मोहे, प्रेम की, लगी बीमारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
इन, नैनो से, गुरु मंडली, लड़ गई ॥
आई, शरण, तुम्हारी,
कन्हईया बड़ी... जय हो ॥।कातिल...
जय श्री राधे कृष्ण
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल