शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
कहती हर सांस मेरी, तेरा शुक्रिया
आकाश छत दीनी, धरती बिछौना
मुझपे लुटाया तूने साँसों का खजाना
आकाश छत दीनी, धरती बिछौना
मुझपे लुटाया तूने साँसों का खजाना
मेरी हर जररूत तूने पूरा किया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
विपदा ने मुझको दाता कई बार घेरा
हुआ है उदास भी और व्याकुल मन मेरा
विपदा ने मुझको दाता कई बार घेरा
हुआ है उदास भी और व्याकुल मन मेरा
गिरने से पहले तूने थाम लिया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
लायक नहीं हूँ फिर भी, करे उपकार है
अवगुण भी मेरे तू तो करे स्वीकार है
लायक नहीं हूँ फिर भी, करे उपकार है
अवगुण भी मेरे तू तो करे स्वीकार है
तेरी किरपा का सार मैंने पा लिया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
हीरे सा जनम मिला, बड़ा एहसान है
तुझमे विलय हो जाऊं यही अरमान है
हीरे सा जनम मिला, बड़ा एहसान है
तुझमे विलय हो जाऊं यही अरमान है
अविरल जलता रहे तेरी भक्ति का दीया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
शुक्रिया है मेरे मालिक, तेरा शुक्रिया
कहती हर सांस मेरी, तेरा शुक्रिया
कहती हर सांस मेरी, तेरा शुक्रिया
कहती हर सांस मेरी, तेरा शुक्रिया
गायिका -रंजना गुंजन भरतिया
रचना - रंजना गुंजन भरतिया
संगीत - सकल देव साहनी