अब सुध मोरी लीजिये बरसाने वारी

अब सुध मोरी लिजिये बरसाने वाली,
अब सुध मोरी लीजिए बरसाने वाली।
तोरे चरणन पे बलि-बलि जाऊँ,
तोरे चरणन पे बलि-बलि जाऊँ बांके बिहारी,
अब सुध मोरी लीजै बरसाने वाली...

मैं छोड़ के तेरे दर को अब किस दर पे जाऊँ,
तेरी कृपा से अगला जनम बरसाना पाँऊ।
पंछी बनके उड़ती फिरूँ मैं,
पंछी बनके उड़ती फिरूँ मैं तेरी ऊँची अटारी,
अब सुध मोरी लीजिए बरसाने वाली...

वृषभानु सुता की रथ की राज दुलारी राधा,
रटूँ निरंतर नाम कटे जीवन की बाधा।
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी,
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी, श्री हरिदास दुलारी,
अब सुध मोरी लीजिए बरसाने वाली...

हारा हूँ ये सोच के दुनिया ने मुख मोड़ा,
गैरों से क्या शिकवा करूँ जब अपनों ने छोड़ा।
अब आप ही पार लगाओ किशोरी,
अब आप ही पार लगाओ किशोरी नाव हमारी,
अब सुध मोरी लीजिए बरसाने वाली...

श्रेणी