मेरी भी अरज सुनो

बाबा तुम खाटू में रहते हो रहते हो,
सब के संकट हरते हो, सबके दुखड़े मिटाते हो,
मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो ॥

दुनिया ने ठुकराया है बस तुमने अपनाया है,
दिल को इतना चैन मिला जो तेरे दर पर आया है,
भगतों की धड़कन में बसते हो बसते हो,
मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो
बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

अहलावती के लाला हो पांडव कुल उजियारा हो,
तीन बाण के धारी हो नीले असवारी हो,
हारे को जीताते हो सबके दुखड़े मिटाते हो,
मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो
बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

हारे के सहारे हो बाबा श्याम हमारे हो,
सबकी बिगड़ी बनाते हो रोतो को हंसाते हो,
सबके दुखड़े मिटा करके अपने गले लगाते हो,
मेरी भी अरज सुनो क्यों इतना तड़पाते हो
बाबा तुम खाटू में रहते हो ॥

सिंगर-अनीता सोनी