भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी
राजा राम तेरी नगरी में कोई ना सुखी
एक गंगा सुखी एक यमुना सुखी
जब पाप बड़े तो दोनों दुखी भगवान
तेरी नगरी में कोई ना सुखी
एक चंदा सुखी एक सूरज सुखी
जब ग्रहण पड़े तब दोनों दुखी भगवान
तेरी नगरी में कोई ना सुखी
एक माता सुखी एक पिता सुखी
जब पुत्र कुपुत्र तो दोनों दुखी
भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी
एक राजा सुखी एक रानी सुखी
जब राज लूट तब दोनों दुखी
भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी
एक राम सुखी एक लक्ष्मण सुखी
जब बन को गए तो दोनों दुखी
भगवान तेरी नगरी में कोई ना सुखी