तेरी दया से बाबा

तेरी कृपा से बाबा दरबार आ रहा हूँ
क़ाबिल नहीं हूँ तेरे गुणगान गा रहा हूँ

चोखट पे तेरी आकर ये बात मैंने जानी
दातार तेरे जैसा दूजा नहीं है दानी
तेरी कृपा से बाबा घर मैं चला रहा हूँ
क़ाबिल नहीं हूँ तेरे गुणगान गा रहा हूँ

अर्ज़ी करूँ क्या तुझसे तू दिल की जानता है
इतना ना जानू ख़ुद को जितना तू जानता है
मैं हाथ तेरा थामे बड़ता ही जा रहा हूँ
क़ाबिल नहीं हूँ तेरे गुणगान गा रहा हूँ

रख लो शरण अनुज को चाहत है ये हमारी
चौखट पे दम जो निकले सूरत दिखे तुम्हारी
तेरा ही नाम ले के जीवन बिता रहा हूँ
क़ाबिल नहीं हूँ तेरे गुणगान गा रहा हूँ