हाथ तलवार लेके शेर के सवरिया आहो म मायरिया हमरी न
तनिका सुनतू करीं पुकरिया हो मयरिया हमरी न
१.जग में तहरों डंका बाजे माथे हो मुकुटवा साजे-
कि तोहरी महिमा अगम अपार हो मेहरिया हमारी ना
२.नाम सुन के राछस कांपे भूत प्रेत डर के भागे -2
माई मोरी दुर्गा सुना पुकरिया हो मारिया हमरी न
कि तनिका...…...।
३.तोहके पूरी दुनिया जाने ब्रह्मा विष्णु तोहके माने -2
तोहके पूजे सारा जहनवां हो मयरिया हमरी न
कि तनिका...।
भजन लेखक-हरिवंश प्रताप
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