गणपति मेरी बिगड़ी बना दो

गणपति मेरी बिगड़ी बना दो काट दो मेरे गम के ये साये,
लेके फर्याद दर पे खड़ी हु बस तुम ही तुम हो मेरे सहाये,

गोरा माँ के तुम ही लाडले हो पुत्र शिव की कहे तुम को दुनिया,
मुखड़ा प्यारा लगे भगवन रिद्धि सीधी भी तुझमे समाये,
गणपति मेरी बिगड़ी बना दो काट दो मेरे गम के ये साये,

ज्ञान भुधि के तुम हो विधायता मेरा तुझसे है जन्मो का नाता,
हाथ करुणा का रख के ग़ज़ा नन्द तार देते हो तुम बिन बताये,
गणपति मेरी बिगड़ी बना दो काट दो मेरे गम के ये साये,

जो भी आता तेरे दर पे भगवन झोलियाँ उसकी जाती न खाली,
मनीष पांडेय है तेरा दीवाना तेरी भगति का लिखे तराना,
गणपति मेरी बिगड़ी बना दो काट दो मेरे गम के ये साये,

श्रेणी
download bhajan lyrics (1503 downloads)