राम गुण ऐसे गाणा रे

राम गुण ऐसे गाणा रे,
हरि गुण ऐसे गाणा रे,
कंठ होठ तो जिभ्या बिना निर्भय नाम उठाणा रे,

लगनी डोर नाम का मणिया सत में पौणा रे,
कर बिना माला घट में फेरों निरभे रैणा रे,
राम गुण ऐसे गाना रे

आसन कांई का लगा के धुन में ध्यान जमाणा रे,
नाभि सू शब्द उठाके सुन्न में शब्द चढाणा रे,
राम गुण ऐसे गाना रे....

अला पिंगला साज सुखमणा तार मिलाणा रे,
रंग महल के बैठ झरोखे ढोल घुराणां रे,
राम गुण ऐसे गाना रे.....

जाग्या लादुनाथ सुता हंस जगाणा रे,
किरपानाथ सतगुरु जी रे शरणे ठाया करिया ठिकाणा रे,
राम गुण ऐसे गाना रे.....

श्रेणी
download bhajan lyrics (1241 downloads)