गुरु जी मेरी नावी

गुरु जी मेरी नाव पुरानी हो किस विधि पार लगाओ गे

नाव पुरानी सागर भारी अधर बीच में झोले खा रही
गुरु जी जाने को न हो दया की भली आप लगाओ गे
गुरु जी मेरी नाव पुरानी हो किस विधि पार लगाओ गे

मतलब की है दुनिया सारी बिन मतलब की न है यार
गुरु जी मेरी सुनो कहानी हो के बिगड़ी आप बनाओ गे
रंग फिकर में गिर गई काया  मुख दे से मोह और माया
गुरु जी मेरे गिरे नैन ते नीर धीर मेरी आप बंधाओ गे
गुरु जी मेरी नाव पुरानी हो किस विधि पार लगाओ गे

download bhajan lyrics (979 downloads)