आएं गुरु पुन्नयां पर्व मनाएं

(धुनः संकीर्तन)

आएं गुरु पुन्नयां पर्व मनाएं,
कर गुरु पूजा आरती वंदन,
श्रीगुरु महिमा गाए ।।

गुरु पूजा की यह परिपाटी,
वेद व्यास से है चली आती।
ईश्वर का स्वरूप है सतगुर,
शास्त्र वेद बताएं-आएं...

संत ऋषि मुनि देव अवतारी,
गुरु चरणन के भए पुजारी।
गुरु बिन बिरथा जीवन रे नर,
समझ तुझे समझाएं-आएं...

गुरु ज्ञान प्रकाश दिखावें,
अन्तर मन की मैल मिटावें।
'मधुप' हरि सच्चिदानंद सतगुरु,
गोबिन्द मिलन कराएं-आएं...

download bhajan lyrics (126 downloads)