तरज़-: बहुत प्यार करते हैं तुम को सनम
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
बनाया है करके,कृपा हमको जिसनें
उन्हीं के रहेगें,उन्हीं के भरें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हीं का यशोगांन,करते रहेंगें
के जिनकी कृपा,से फुलें फलें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हें कैसे भुलें,बता दे कोई तो
के जिनकी दया से,सभी दुख टले हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं के
जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
जुगल से अधमं को,दिया मर्तबा वो
के हेरत में कब यम,गणों ने मनें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000