मुरली बजैया कन्हैया सांवरा , दिल ये दिवाना है तेरे नाम का 2
भंवर बीच नैया डोल रही है , तू आके कन्हैया पार लगाना
दीवाना , मुरली बजैया कन्हैया सांवरा , दिल ये दिवाना है तेरे नाम का
वो माखन चुराना , दही मिश्री खाना , है आदत पुरानी तेरी
गुलेल चलाना हमें यूं सताना , है आदत पुरानी तेरी
फिर भी है कान्हा तू दिल में बसा , है दिल में हर पल तेरा ही नशा
नटखट निराली कहानी तेरी , दिल ये दिवाना है तेरे नाम का 2
भंवर बीच नैया डोल रही है , तू आके कन्हैया पार लगाना
वो गोकुल की गलियां वो राधा वो सखियां , के सब हैं दिवानी तेरी
आ बंशी सुनाने झलक तो दिखादे , ये अंखियां हैं प्यासी मेरी
तुझको नजर में छुपा लूंगा मैं , अपने गले से लगा लूंगा मैं
मोहन मुरारी बनवारी , केशव माधव गिरिधारी
भंवर बीच नैया डोल रही है , तू आके कन्हैया पार लगाना
दीवाना , मुरली बजैया कन्हैया सांवरा , दिल ये दिवाना है तेरे नाम का