कुछ बोलो तो मेरे श्याम धनी

कुछ बोलो तो मेरे श्याम धनी

अब तो बाबा कुछ नज़र करो
ना रह पाऊँ ,ना कह पाऊँ
दुनिया के ताने सुन सुन कर में हार गया
कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

( तर्ज - चलों छोड़ो भी , अब जाने दो )

जब जब मैंने तुझको पुकारा , मैं माना तूँ आया
जब जब मैंने रोना चाहा, आँसू ना बह पाया
हरदम साया मेरा बन कर , तूने साथ निभाया
इतना क्या कम है ओ मेरे बाबा तुम बोलो …
कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी
जरा देखो तो … ओ मेरे श्याम धनी

तुम ही मुझसे रूठ गए तो , किस से बात करूँ में
जी उठा था में तुम से मिल कर , तुम जो है तो हूँ में
मुझसे यूँ नज़रे ना फेरना , कभी कृपा ना हटा ना
वरना बाबा क्या होगा मेरा तुम बोलो …..
कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी
जरा देखो तो … ओ मेरे श्याम धनी

ये कहना यश का मेरे बाबा , तुम्हें सोचना होगा ..
रीझा रीझा कर तुम्हें मनाया , हाथ पकड़ना होगा ..
तेरे भरोसे जीवन मेरा , तुझे समझना होगा ..
माना मेरे जैसे लाखो फिर भी , अपनालों
कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

कुछ बोलो तो  ओ मेरे श्याम धनी
अब तो बाबा कुछ नज़र करो
ना रह पाऊँ ,ना कह पाऊँ
दुनिया के ताने सुन सुन कर में हार गया
कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी